पिछले चार दसक से भी ज्यादा वर्षों से पाठा में चले रहे दस्युओं के आतंक का दस्यु गौरी यादव के मारे जाने के बाद पूरी तरह खत्म हो गया।
डि लाईट न्यूज गरीब की आवाज से यूपी स्टेट हेड मनोज कुमार अग्रहरि की खाश रिपोर्ट ब्रेकिंग न्यूज चित्रकूट पिछले चार दसक से भी ज्यादा वर्षों से पाठा में चले रहे दस्युओं के आतंक का दस्यु गौरी यादव के मारे जाने के बाद पूरी तरह खत्म हो गया।
जिले के सभी खूंखार डकैत रहे दस्यु ददुआ और दस्यु ठोकिया को मारने के बाद आखिरी बचे डकैत गौरी यादव को ठोकने का सेहरा भी एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के सिर में बंधा।
एसटीएफ के हाथों ढेर हुए साढ़े पांच लाख के इनामियाँ डकैत दस्यु गौरी यादव के ऊपर चार दर्जन से अधिक आपराधिक मामले उ0प्र0 व म0प्र0 में दर्ज है।इसके पास से एक एके 47,एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल,एक 12 बोर सिंगल बैरल,315 बोर का एक कट्टा,एक मैगजीन व 150 से ज्यादा कारतूस व एक मोबाइल बरामद हुआ है।
शुक्रवार की देर रात बहिलपुरवा थानाक्षेत्र में स्थित मांडव बांध में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में मारा गया दस्यु गौरी यादव का मानिकपुर क्षेत्र में काफी आतंक हुआ करता था।
उसकी माँ राजरानी पत्नी बाबू लाल यादव निवासी बड़ी बेलहरी थाना बहिलपुरवा की माने तो उसका बेटा गौरी को पुलिस का संरक्षण प्राप्त था उसे जो भी बनाया पुलिस ने बनाया और उसी ने उसका अंत किया है।
दस्यु गौरी यादव के दो बेटे व दो बेटियां है,दोनों लड़कियों की शादियां हो चुकी है।गौरी के बागी होने के बाद उसकी पत्नी हीराकली अपने मायके में रहती है।मां राजरानी पिछले पंचवर्षी में ग्राम पंचायत ददरी माफी की प्रधान रह चुकी है।
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